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Human Diseases And Immune System Part-2 (Bacterial diseases) जीवाणु जनित रोग

Human diseases and immune system part 1 mein aapane Jana ki Rog kya hai Ab         janmjat rogon ke bare me......
 ab baat karte hain ham uparjit rogon ke bare mein 


जीवाणु जनित रोग जीवाणु के द्वारा होने वाले रोग (bacterial disease)

TB या छय रोग

टीवी रोग का मुख्य वाहक माइकोबैक्टेरियम ट्यूबरक्लोसिस नामक जीवाणु है इसका प्रसार रोगी के छीकने खाशने तथा शरीर से निकलने वाली जल की बूंदें लार आदि के संपर्क में आने से होता है टीवी से मुख्यतः फेफड़े प्रभावित होते हैं तेज बुखार खांसी लार के साथ खून का आना छाती में दर्द होना शरीर के भार में कमी आना आदि टीवी के प्रमुख लक्षण हैं टीवी के रोकथाम में बीसीजी B.C.G का टीका उपयोग में लाते हैं

डिप्थीरिया

डिप्थीरिया रोग का मुख्य वाहक कोर्नी बैक्टरियम डिफ्थीरी नामक जीवाणु होता है इसका प्रसार लार की छोटी-छोटी बूंदों से होता है हल्का बुखार आना गले का खट्टा होना आदि इसके लक्षण होते हैं इसके प्रतिरक्षीकरण में डीपीटी  D.P.T. टीका प्रयोग करते हैं यहअधिकांशतः  संक्रमित दूध के कारण उत्पन्न होता है
Cholera
इस रोग की प्रमुख प्रसार करता मक्खियां होती है जो वीब्रियो कोलेरा नामक जीवाणु को एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाती हैं यह गंदगी युक्त भोजन एवं खाद्य पदार्थों की अशुद्धियों से उत्पन्न होने वाला रोग है जलीय मल त्याग,उल्टी आना ,मांसपेशियों में ऐंठन होना इसके प्रमुख लक्षण हैं हैजा से पीड़ित व्यक्ति के उपचार में ओ आर एस घोल का उपयोग करते हैं ओ आर यस में 1.5 ग्राम ग्लूकोस ,3.5 ग्राम NaCl 2.9 ग्राम KCl  तथा 12.9 ग्राम Trisodium citrate होता है इसे प्रत्येक 1 लीटर में घोल कर दिया जाना चाहिए

टिटनेस या धनुष तंबा

यह रोग बेसिलस नामक जीवाणु से होता है इस रोग के जीवाणु,  बीजाणु ,घावों ,दुर्घटना तथा अनिर्जमी उपकरण के प्रयोग से शरीर में प्रवेश कर जाते हैं यह जीवाणु titanospasmin नामक विषैला पदार्थ उत्पन्न करता है पेशियों का अकड़ना दर्द एवं जबड़े का बंद होना इसके प्रमुख लक्षण है इसके रोकथाम के लिए घाव के 24 घंटे के अंदर एटीएस का टीका दिया जाना चाहिए

न्यूमोनिया

यह रोग डिप्लोकोकस न्यूमोनीआई नामक जीवाणु के कारण होता है शरीर का अचानक ठंडा होना छाती में दर्द ,भूरे स्लेस्म/कफ  के साथ खांसी तथा तापमान में वृद्धि इसके प्रमुख लक्षण हैं इसके उपचार में अजिथ्रोमायसिन टेट्रासाइक्लिन  आदि का उपयोग करते हैं

प्लेग Plague

यह रोग यरसिनिया पेस्टिस  नामक जीवाणु से उत्पन्न होता है यह चूहों में पाए जाने वाले रेट फिली (जिनोप्सिला चिऑप्सी) के द्वारा मनुष्य में फैलता है यह एक प्रकार की छुआछूत बीमारी है तेज बुखार आना शरीर को ठंडा होना थकान आना एवं रक्त स्राव (जो काले रंग में परिवर्तित हो जाता है) आदि प्लेग से पीड़ित होने के प्रमुख लक्षण हैं इसके रोकथाम में एंटी प्लेग टीके एवं ऐसे कीटनाशक जो की चूहों को मार सके का छिड़काव करना चाहिए

टायफाइड Typhoid

इसे आंतो के बुखार के नाम से भी जाना जाता है यह रोग सालमोनेला टायफी नामक जीवाणु के कारण होता है तेज बुखार आना एवं आंतों की दीवार में फोंडो का होना टाइफाइड के प्रमुख लक्षण है इसके रोकथाम में  antibiotic एंपीसिलीन क्लोरमफैनिकॉल आदि का लंबे समय तक उपयोग करना चाहिए

डायरिया 

यह रोग दूषित मांस तथा दूसरे प्रोटीन युक्त खाद्य पदार्थों के सेवन से फैलता है यह रोग सालमोनेला टायफ्युरिक तथा shaijailaCG नामक जीवाणु के कारण फैलता है उल्टी मचली सिरदर्द श्लेष्मा रुधिर के साथ मलका शीघ्र त्याग और इसके प्रमुख लक्षण हैं


काली खांसी,सिफलिस,गोनोरिया, कोढ  आदि भी जीवाणु जनित रोग है
Human diseases and immune system part 3 viral diseases - to be continued

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