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Human Diseases and Immune System Part-3 (Viral Diseases) विषाणुओं से होने वाले रोग

 human ह्यूमन डिसीसेस एंड इम्यून सिस्टम पार्ट 1 एंड 2 मैं आपने जन्मजात अनुवांशिक रोग तथा जीवाणु जनित रोगों के बारे में जान लिया है आइए अब हम समझते हैं विषाणुओं/वायरस से होने वाले रोगों के बारे में जो इस प्रकार हैं
एड्स
इस रोग का वाहक एचआईवी HIV नामक विषाणु है जिसका पूरा नाम एक्वायर्ड इम्यूनोडिफिशिएंसी सिंड्रोम है सर्वप्रथम न्यू मोंटेग्नियर नामक वैज्ञानिक ने 1984 में एड्स के बारे में बताया एड्स का विषाणु बंदरों से मानव में पहुंचा जो कि अफ्रीकी लोगों में सर्वप्रथम पाया गया था एड्स का वायरस मनुष्य के शरीर में डुप्लीकेट डीएनए का निर्माण करता है जिससे मनुष्य का प्रतिरक्षी तंत्र नष्ट हो जाता है यह रोग रक्त आदान से समलिंगी या विषम लिंगी संभोग एवं संक्रमित माता से शिशु में फैलता है

लक्षण 

फेफड़ों में संक्रमण होना लगातार खांसी का आना छाती में दर्द होना एवं लगातार बुखार आना शरीर का वजन कम हो जाना पेट में दर्द होना याददाश्त का कमजोर होना CD4+  कोशिकाओं की संख्या 200/cu mm से कम हो जाना
एड्स के परीक्षण में ELISA एलिसा नामक टेस्ट किया जाता है या फिर सीडी 4 प्लस कोशिकाओं की संख्या भी ज्ञात करके इसका पता लगा सकते हैं
एड्स दिवस 1 दिसंबर को मनाया जाता है

चेचक
यह एक संक्रामक रोग है इसका संक्रमण एक अति सूक्ष्म विषाणु वेरीओला के कारण होता है इस रोग से ग्रसित रोगी के रोगी के शरीर के जोड़ों में दर्द होता रहता है बाद में लाल लाल दाने निकल जाते हैं जो बाद में सब फफोलो का रूप धारण कर देते हैं चेचक के टीके की खोज  एडवर्ड जेनर नामक वैज्ञानिक ने 1798 मैं की थी

पोलियो
यह रोग निस्यंदी विषाणु के कारण होता है इस रोग का प्रभाव मुख्यतः केंद्रीय नाडी संस्थान पर होता है यह बच्चों एवं शिशुओं को संक्रमित करता है इसके उपचार के लिए साल्क का टीका सेविन ओरल ड्रॉप्स उपलब्ध है

हेपेटाइटिस पीलिया Jaundice

हेपेटाइटिस विषाणु के छह प्रकार पाए जाते हैं एच ए बी HAB, एचबीवी HBV, एचसीवी HCV, एचडीवी HDV, HEV एवं हेपिटाइटिस G (HGV )इसके लक्षण मुख्यता उल्टी ,मतली ,पेशियों तथा जोड़ों में दर्द एवं बुखार आना आदि है  मूत्र एवं मल गहरे पीले रंग का होना शुरू हो जाता है

व्यक्तिगत सफाई उबले पानी का उपयोग ठीक ढंग से पका हुआ भोजन करना एवं मक्खियों पर नियंत्रण इसके रोकथाम में आवश्यक है

डेंगू ज्वर

डेंगू Den - 1-4 विषाणु के कारण उत्पन्न होता है जो मादा टाइगर मच्छर एडीज एजेप्टी द्वारा मनुष्यों में फैलता है डेंगू होने पर मनुष्य को सिर दर्द बुखार ठंडापन जड़ों में दर्द त्वचा में झुर्रियां हो जाती हैं इसमें रुधिर कणिकाओं की संख्या 70000 mm3 से कम हो जाती हैं

रेबीज/हाइड्रोफोबिया

या एक संघटित रोग है जिसका संक्रमण केंद्रीय तंत्रिका तंत्र में होता है इसका संक्रमण पागल कुत्ते भेड़िए लोमड़ी आदि के काटने से होता है जल से डरना इसका महत्वपूर्ण लक्षण है यह विषाणु मस्तिष्क तथा मेरुरज्जु को नष्ट करता है


खसरा गलसुआ एवं इनफ्लुएंजा भी विषाणु जनित रोग है खसरा - रूबी ओला, गलसुआ - पैरामिक्सौ विषाणु, एवं फ्लू - मिक्सो विषाणु, द्वारा फैलता है


आशा करता हूं आपको उपरोक्त जानकारी लाभप्रद लगी होगी इसे दोस्तों एवं परिवारी जनों के साथ शेयर अवश्य करें किसी भी प्रकार के सुझाव के लिए हमें कमेंट करके आप बता सकते हैं.




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