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आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 & कोरोना वायरस Indian Disaster Management Act 2005 & Corona Virus

"अक्सर जीत उसी की होती है जिसकी रणनीति दूरदर्शी होती है फिर चाहे वह आपदा हो या युद्ध"


आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005,LOCKDOWN SE JUDE NIYAM
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आज के संदर्भ में यह पंक्तियां बिल्कुल सटीक बैठती हैं आज  कोरोना वायरस ने पूरी मानवता को हाशिए पर ला खड़ा किया है कोरोना वायरस आज पूरी मानवता को चुनौती दे रहा है दुनिया सहित भारत में आपदा के विषय में सवाल उठने लाजमी हैं ऐसे में आज हम चर्चा करेंगे कि भारत में आपदा से निपटने के लिए आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 की एवं उससे जुड़े हुए कुछ नियमों की कुछ धाराओं की जो आज के समय में प्रभावी है ऐसे में हमें यह जानना बहुत जरूरी है की आपदा प्रबंधन अधिनियम की धाराएं कौन-कौन से नियम और कानून प्रतिपादित करती हैं
सर्वप्रथम हम बात करते हैं

आपदा( Disaster)  क्या है?

"आपदा अपने आप में ही अपने कार्य व्यवहार या परिणाम का सूचक होती है दूसरे शब्दों में यह कह सकते हैं कि आपदा वह आना परिचित और आकस्मिक घटना है जो ऐसी ताकतों द्वारा गठित होती है जो मानव के नियंत्रण से बाहर होती हैं"

चलिए बात करते हैं आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 की के बारे में
प्रारंभ में आपदा प्रबंधन केंद्र सरकार के कृषि मंत्रालय के अंतर्गत एक विभाग के रूप में कार्यरत था एवं राज्यों में राजस्व एवं राहत विभाग के अंतर्गत आता था ,आपदा प्रबंधन 2005 के अनुसार स्थापित राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन संस्थान को आपदा प्रबंधन क्षेत्र में नीति निर्धारण अनुसंधान विकास क्षमता निर्माण काम की प्रभावी राष्ट्रीय जिम्मेदारी दी गई इसका उद्देश्य केंद्र सरकार को आपदाओं से निपटने के लिए नीति निर्माण और उससे संबंधित सहायता प्रदान करना है जिससे आपदा के प्रभाव को न्यून किए जा सके यह संस्थान राज्य सरकारों  नीतियों को आपदा प्रबंधन ढांचे के विकास में भी सहायता प्रदान करता है केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित किए जाने वाले आपदा प्रभावित देशों के लिए जरूरी सहायता भी उपलब्ध कराता है आपदा प्रबंधन के लिए आवश्यक राष्ट्रीय योजनाओं को मंजूरी भी देता है

'भारतीय आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 -Indian Disaster Management Act 2005'

भारतीय संसद के उच्च सदन राज्यसभा में 2 नवंबर एवं निम्न सदन लोकसभा में 12 दिसंबर 2005 को आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 पारित हुआ इस अधिनियम को 9 जनवरी 2006 में राष्ट्रपति द्वारा स्वीकृत प्राप्त हुई और   यह संपूर्ण भारत में प्रभावी हो गया इस अधिनियम के अंतर्गत 11 अध्याय व 79 खंड हैं.


राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ( NDMA ) एनडीएमए का गठन



आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 से ही अधिकार प्राप्त कर भारत के प्रधानमंत्री 27 दिसंबर 2006 को राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण एनडीएमए का गठन करते हैं जोकि अधिनियम की धारा 3(1) के अनुसार होता है  में एनडीएमए के सदस्यों का कार्यकाल 5 वर्ष का होगा और इसका अध्यक्ष भारत का प्रधानमंत्री होता है

आपदा प्रबंधन 2005 के अनुसार स्थापित राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन संस्थान को आपदा प्रबंधन क्षेत्र में नीति निर्धारण अनुसंधान विकास क्षमता निर्माण काम की प्रभावी राष्ट्रीय जिम्मेदारी दी गई इसका उद्देश्य केंद्र सरकार को आपदाओं से निपटने के लिए नीति निर्माण और उससे संबंधित सहायता प्रदान करना है जिससे आपदा के प्रभाव को न्यून किए जा सके यह संस्थान राज्य सरकारों  नीतियों को आपदा प्रबंधन ढांचे के विकास में भी सहायता प्रदान करता है केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित किए जाने वाले आपदा प्रभावित देशों के लिए जरूरी सहायता भी उपलब्ध कराता है आपदा प्रबंधन के लिए आवश्यक राष्ट्रीय योजनाओं को मंजूरी भी देता है 

(  NDRF )एनडीआरएफ का गठन 


आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 की धारा 44 & 45 में केंद्र सरकार को आपदा से निपटने अथवा संकट पूर्ण स्थिति में विशेष सेना के गठन का अधिकार मिला जिसके फलस्वरूप ही एनडीआईएफ का गठन हुआ


CORONA VIRUS के प्रसार को रोकने KE LIYE आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 का प्रयोग 


इस अधिनियम की धारा 3(1)शक्तियों का उल्लेख करती है केंद्र एवं राज्य सरकार देश संपूर्ण रूप से lockdown की घोषणा कर दी जो कि अधिनियम की धारा 51 से 60 संबंधित नियमों के अनुरूप है वर्तमान में CORONA VIRUS भारत में अधिसूचित आपदा के रूप में शामिल किया है
 तो आइए जानते हैं क्या है धारा 51 से लेकर 60

 धारा 51

 यह उल्लेख करती है कि यदि कोई व्यक्ति आपदा में सरकारी कर्मचारियों के कार्य में विघ्न डालता है या रोकता है या केंद्र सरकार और राज्य सरकार द्वारा जारी गाइडलाइंस का पालन नहीं करता है तो उस व्यक्ति को 1 वर्ष की जेल का जुर्माना देना पड़ सकता है

 धारा 52

 इसके अंतर्गत ऐसे मामले आते हैं जहां अभियुक्त गलत दावों के साथ सरकार द्वारा प्रदत्त सहायता से लाभान्वित होता है जैसे सूखे के समय किसानों के लिए सरकार द्वारा सहायतार्थ रुपए की व्यवस्था जबकि वह किसान सूखा पीड़ित ना हो ऐसा ही हो सकती है

धारा 53 

धारा 53 के अंतर्गत आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 की धारा 53 के अंतर्गत यदि कोई व्यक्ति सहायतार्थ देय सामग्री एवं धन का स्वयं के लिए उपयोग अथवा उसको ऊंचे दामों में भेजता है तो इस धारा के अंतर्गत ऐसे व्यक्तियों को 2 साल की जेल का प्रावधान है

 धारा 54 

यदि कोई व्यक्ति झूठी चेतावनी या झूठी सूचनाएं फैला कर जनता में भय का माहौल व्याप्त करता है तो इस धारा के अंतर्गत उसे 1 वर्ष की जेल एवं जुर्माना देना पड़ सकता है

धारा 55 

यह धारा सरकार के विभागीय कर्मचारियों के भ्रष्टाचार एवं अपराध में लिप्त होने से संबंधित है

 धारा 56 

यदि केंद्र व राज्य का कोई भी सरकारी अधिकारी जिसे लाशों का पालन कराने का आदेश है अपने कर्तव्य पालन से पीछे हटता है तो ऐसे में उसे 1 वर्ष की जेल एवं जुर्माना हो सकता है

धारा 57 

इसके अंतर्गत सरकार द्वारा अपेक्षित वस्तुएं एवं जरूरी क्रियाकलापों के आदेशों को मानने से इनकार करता है तो 1 साल की सजा का हकदार बन सकता है

 धारा 58 

यह विभिन्न सरकारी प्राइवेट निजी कंपनियों द्वारा किए गए अपराधों से संबंधित है

धारा 59

 सरकार द्वारा अधिसूचित सूचना के अतिरिक्त विषम परिस्थितियों में पूर्व मंजूरी से संबंधित है

धारा 60

 यह अपराधों से जुड़े मामलों की कार्यवाही के लिए न्यायालय के संज्ञान लेने से संबंधित है

 इस तरह लागू सभी तरह के कानून एवं धाराओं का समुचित अध्ययन कर लिया

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